Groww, BSE से लेकर Angel One तक मचा कोहराम, 10 फीसदी तक टूटे शेयर, जानें क्यों मची खलबली?
निवेशकों को डर है कि सख्त कोलैटरल नियमों से बैंकों की फंडिंग कम हो सकती है और ब्रोकरेज कंपनियों की ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्जिन पर असर पड़ सकता है. गिरावट की मुख्य वजह Reserve Bank of India यानी RBI द्वारा बैंकों की कैपिटल मार्केट एक्सपोजर से जुड़े नियमों में बदलाव है. आइए जानते हैं कि ऐसा कौन सा बदलाव हुआ जिससे इन शेयरों में इस तरह की गिरावट देखने को मिली है.
सोमवार 16 फरवरी को कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली है. BSE Ltd, Billionbrains Garage Ventures Ltd यानी ग्रो, Angel One Ltd और अन्य ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. गिरावट की मुख्य वजह Reserve Bank of India यानी RBI द्वारा बैंकों की कैपिटल मार्केट एक्सपोजर से जुड़े नियमों में बदलाव है. आइए जानते हैं कि ऐसा कौन सा बदलाव हुआ जिससे इन शेयरों में इस तरह की गिरावट देखने को मिली है.
क्या हैं RBI के नए नियम?
पिछले हफ्ते RBI ने इक्विटी और कमोडिटी में प्रोपाइटरी ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों और क्लाइंट को लीवरेज देने वाली फर्मों को दिए जाने वाले कर्ज पर सख्ती बढ़ा दी. इसका मकसद बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी पर लगाम लगाना और वित्तीय सिस्टम में जोखिम कम करना है.
नए नियमों के तहत, अब बैंकों को ब्रोकर्स को दिया जाने वाला कर्ज 100 प्रतिशत कोलैटरल यानी पूरी तरह सुरक्षित रखना होगा. आंशिक गारंटी या केवल प्रमोटर गारंटी मान्य नहीं होगी. एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉरपोरेशन को दी जाने वाली बैंक गारंटी के लिए कम से कम 50 प्रतिशत कोलैटरल जरूरी होगा. इस 50 प्रतिशत में से कम से कम 25 प्रतिशत कैश के रूप में रखना होगा. अगर शेयर को कोलैटरल रखा जाता है तो उस पर कम से कम 40 प्रतिशत हेयरकट लगेगा. बैंकों को ब्रोकर्स की अपनी प्रोपाइटरी ट्रेडिंग के लिए फंडिंग की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी MTF के तहत क्लाइंट को दी जाने वाली फंडिंग जारी रह सकती है, बशर्ते वह पूरी तरह सुरक्षित हो. ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे.
शेयरों पर क्या पड़ा असर?
- BSE का शेयर करीब 9.5 प्रतिशत गिरकर दिन के निचले स्तर 2736 रुपये तक आ गया.
- Angel One करीब 6 प्रतिशत टूटकर 2540.40 रुपये पर आ गया.
- ग्रो की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures करीब 5 प्रतिशत गिरी.
- JM Financial में 4.5 प्रतिशत की गिरावट रही.
- Anand Rathi, Motilal Oswal और Jio Financial Services में 1.5 से 3.5 प्रतिशत तक कमजोरी देखी गई.
निवेशकों को डर है कि सख्त कोलैटरल नियमों से बैंकों की फंडिंग कम हो सकती है और ब्रोकरेज कंपनियों की ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्जिन पर असर पड़ सकता है.
क्या बदलेगा ब्रोकरेज बिजनेस मॉडल?
अब ब्रोकर्स को मिलने वाली बैंक फंडिंग पूरी तरह सुरक्षित रखनी होगी. इससे कैश ब्लॉकेज बढ़ेगा, ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ सकती है, लीवरेज कम हो सकता है, छोटी और मिड साइज ब्रोकरेज फर्मों पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है. साथ ही, बैंकों द्वारा पूंजी बाजार को दी जाने वाली कुल फंडिंग भी उनके एक्सपोजर लिमिट के तहत गिनी जाएगी, जिससे सेक्टर में लिक्विडिटी पर असर पड़ सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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