IPO लाने वाली Meesho का AWS के साथ 127 करोड़ रुपये का विवाद, जानें- क्या है पूरा मामला
AWS ने मीशो से 127.45 करोड़ रुपये ($14.44 मिलियन) का दावा किया है, जिसमें ' खर्च प्रतिबद्धता की कमी भुगतान राशि, लंबित सेवा शुल्क, संबंधित भुगतानों पर ब्याज और मध्यस्थता की लागत' शामिल है. AWS मध्यस्थता, मीशो के लिए कानूनी चुनौतियों की बढ़ती सूची में एक और कड़ी जोड़ रही है.
ई-कॉमर्स यूनिकॉर्न मीशो, क्लाउड सर्विस बकाया का कथित रूप से भुगतान न करने के कारण, अपने प्रमुख टेक्नोलॉजी वेंडर्स में से एक, अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) इंडिया के साथ कानूनी लड़ाई में उलझ गया है. मीशो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, AWS ने फरवरी 2022 में साइन एक साइन प्राइवेट प्राइसिंग एडेंडम (PPA) से जुड़ी बकाया राशि का हवाला देते हुए, मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के तहत नई दिल्ली में तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण के समक्ष कार्यवाही शुरू की है.
AWS का दावा
AWS ने मीशो से 127.45 करोड़ रुपये ($14.44 मिलियन) का दावा किया है, जिसमें ‘ खर्च प्रतिबद्धता की कमी भुगतान राशि, लंबित सेवा शुल्क, संबंधित भुगतानों पर ब्याज और मध्यस्थता की लागत’ शामिल है. मीशो ने इनवॉइस पर विवाद करते हुए ‘AWS द्वारा प्रदान की गई सेवाओं में कमियों’ का आरोप लगाया है और PPA के न्यूनतम प्रतिबद्धता की वैधता को चुनौती दी है.
31 जनवरी को दायर एक प्रतिवाद में मीशो ने 86.49 करोड़ रुपये की मांग की, जिसमें ‘व्यापार में व्यवधान और AWS द्वारा प्रदान की गई अपर्याप्त सहायता, AWS से प्राप्त सेवाओं से माइग्रेशन के कारण वेतन लागत, ब्याज और लागत’ के कारण हुए व्यावसायिक नुकसान का हवाला दिया गया. AWS ने मार्च में अपना जवाब दाखिल किया और मामला मध्यस्थ न्यायाधिकरण के सामने लंबित है.
मीशो के लिए यह क्यों मायने रखता है?
यह विवाद मीशो की अपने विशाल वैल्यू-कॉमर्स इकोसिस्टम को चलाने के लिए क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर गहरी निर्भरता को उजागर करता है. ऑर्डर फुलफिलमेंट से लेकर भुगतान और रिकमडेंशन सिस्टम तक. AWS जैसे किसी प्रमुख क्लाउड प्रोवाइडर के साथ कोई भी विवाद उस कंपनी के लिए ऑपरेशनल और लागत संबंधी प्रभाव डाल सकता है, जिसने वित्त वर्ष 25 में 1.59 अरब ऑर्डर प्रोसेस किए थे.
मीशो का प्लान
डीआरएचपी यह भी दर्शाता है कि मीशो अपने आगामी 4,250 करोड़ रुपये के आईपीओ से 1,390 करोड़ रुपये अपनी टेक्नोलॉजी और क्लाउड बैकबोन को मजबूत करने के लिए आवंटित करने की योजना बना रहा है, जो अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टैक में डायवर्सिफिकेशन लाने और उसे सुदृढ़ करने के प्रयास का संकेत देता है.
मीशो और विवाद
AWS मध्यस्थता, मीशो के लिए कानूनी चुनौतियों की बढ़ती सूची में एक और कड़ी जोड़ रही है. मीशो को 710 करोड़ रुपये से ज्यादा के टैक्स और विक्रेता विवादों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 572 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स क्लेम भी शामिल है. हालांकि, कंपनी का कैश फ्लो पॉजिटिव बना हुआ है और यह सबसे तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है.
Latest Stories
IPO की तैयारी में जुटी Rediff, 600–800 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान; कंपनी ने फाइल किया कॉन्फिडेंशियल DRHP
AI की ताकत के साथ बाजार में एंट्री को तैयार Rediff, ₹600-₹800 करोड़ तक के IPO का प्लान, फाइल किया DRHP
Upcoming IPO: Core4 Engineers ने SME IPO के लिए फाइल किया पेपर, जानें- कितना बड़ा है कंपनी का कारोबार
